क्या भारत का फाइटर जेट US के 6th जेनरेशन को देगा टक्कर?

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने F-47 NGAD छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण की घोषणा कर दी है… जिसके लिए अमेरिकी सरकार ने 20 अरब डॉलर का शुरूआती बजट रखा है…और इस लड़ाकु विमान का निर्माण बोइंग कंपनी करने वाली है.. इसमें खास बात तो ये है कि इस विमान निर्माण और लॉन्च के बाद अमेरिका, दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाएगा…जिसके अपना छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा… हालांकि चीन ने भी जे-36 विमान के प्रोटोटाइप का खुलासा कर दिया है.. जिसे लेकर दावे किए गये हैं कि जे-36 एक छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा…
वहीं दूसरी तरफ भारत में अभी भी पांचवीं पीढ़ी पर ही अटका हुआ है… भारत फिलहाल एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानि कि AMCA प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है… जो भारत का 5.5 जनरेशन का फाइटर जेट है.. और इसे लेकर ये दावे किए जा रहे हैं कि ये साल 2028 तक अपनी पहली उड़ान भरेगा…वहीं AMCA का डेवलपमेंट, एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी यानि कि ADA कर रहा है.. वहीं भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि AMCA प्रोजेक्ट के तहत भारत का लक्ष्य साल 2028 तक पहले विमान का फ्लाइट टेस्ट करना है… और ये वक्त इंडियन एयरफोर्स और ADA के लिए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण के लिए कंसेप्ट बनाने के लिए बिल्कुल सही समय होगा.. जहां एक बार AMCA उड़ान भरना शुरू कर दे… तो इंडियन एयरफोर्स और ADA छठी पीढ़ी के लड़ाकू जेट के डेवलपमेंट पर विचार-विमर्श शुरू किया जा सकते हैं..” इस दौरान भारत के पास जो एक्सप्रिएंस होगा… वो अमूल्य होगा और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण में काम आएगा…
वहीं जहां एक तरफ दुनियाभर में छठी पीढ़ी के फाइटर जेट को लेकर होड़ मची है… केवल 6th जेनरेशन फाइटर जेट की बातें हो रही है… वहीं भारतीय फाइटर जेट AMCA के डेवलपर ADA यानि कि एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के अधिकारी का कहना है कि इसे ओवर हाईप किया जा रहा है… उनका कहना है कि उसके इतने प्रचार से भारत का 5.5 जेनरेशन एडवांस्ट मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानि कि AMCA ओवरशैडो हो गई है… अमेरिका और चीन अपने 6th जेनरेशन लड़ाकू विमानों का जितना प्रचार कर रहे हैं. असलियत उससे काफी अलग है… दरअसल 6th जेनरेशन एयरक्राफ्ट को जो फिचर्स एडवांस बनाते हैं… वो असल में भारत के AMCA में भी होने वाले हैं…
इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि दूसरे देशों के फाइटर जेट AMCA जितने सक्षम और एडवांस नहीं होंगे… AMCA भारत की महत्वकांक्षाओं की क्लियर पिक्चर को दिखाता है, जबकि अमेरिका, चीन और यूरोपीय देश अपने 6th जेनरेशन एयरक्राफ्ट को लेकर जो बातें कर रहे हैं.,. वो जमीनी स्तर पर नजर नहीं आती हैं… इससे पता चलता है कि उनकी महत्वकांक्षाओं और रिएयलिटी के बीच कितना फर्क है….. वह अभी तक VCE का प्रदर्शन नहीं बना पाए हैं.. जो 6th जेनरेशन लड़ाकू विमानों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है.,…
बता दें कि VCE का पुरा नाम फंक्शनल वैरिएबल साइकिल इंजन है.. जो 6th जेनरेशन प्रोपल्शन का अहम हिस्सा माना जाता है, ये हमला करने के लिए हवा के प्रवाह को गतिशीलता के साथ समायोजित करता है… इससे उसकी अटैक रेंज 30 पर्सेंट तक बढ़ जाती और सुपीरियर थर्मल मैनेजेंट भी कर सकता है… जिसे लेकर ADA के अधिकारी ने दावा किया कि अमेरिका और चीन में से कोई भी इस फंक्शनल VCE का प्रदर्शन नहीं कर पाया है….
वहीं बता दें कि अमेरिका ने साल 2020 में नेक्स्ट जेनरेशन एयर डोमिनेंस (NGAD) प्रोग्राम के तहत एक प्रोटोटाइप की उड़ान भरी थी, जिसे नेक्स्ट जेनरेशन एयरक्राफ्ट का बताया गया था. हालांकि, उसके इंजन को लेकर किसी भी तरह की डिटेल्स को पब्लिक नहीं किया गया हैं. वहीं, चीन ने भी हाल ही में एक उड़ान भरते हुए लड़ाकू विमान का वीडियो जारी किया था, जिसमें टेल नहीं थी. इसके अलावा अन्य यूरोपीय देश भी 6th जेनरेशन एयरक्राफ्ट की होड़ में लगे हुए हैं… जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन शामिल हैं… वहीं ब्रिटेन के ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) और फ्रैंको-जर्मन-स्पेनिश फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) 6th जेनरेशन के VCE को मिलकर डेवलप कर रहे हैं.
वहीं AMCA की बात करें.. तो AMCA भारत का 5.5 जनरेशन का फाइटर जेट होगा.. जो 2028 तक उड़ान भरेगा… और इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें 6th जनरेशन वाले फिचर्स होंगे… इसके अलावा-
- विमान में 6.5 टन क्षमता का आंतरिक ईंधन टैंक होगा..
- AMCA में 14 हार्डप्वाइंट्स होंगे
- इसमें 23 मिलीमीटर की GSh-23 कैनन लगी होगी…
- इसमें S8 रॉकेट पॉड्स, अस्त्र मार्क-1, 2, 3, हवा से हवा में मार करने वाली NG-CCM मिसाइल, ब्रह्मोस एनजी(BrahMos-NG), हवा से जमीन पर मार करने वाली रुद्रम मिसाइल लगाई जाएंगी..
- इसके अलावा ये 25 टन का जुड़वां इंजन वाला विमान होगा।
- AMCA Mk1 वेरिएंट में 90 kN (किलोन्यूटन) वर्ग का US-निर्मित GE414 इंजन लगेगा।
- अधिक उन्नत AMCA Mk2 वेरिएंट में अधिक शक्तिशाली 110kN इंजन लगेगा।
- 110kN इंजन को DRDO के ‘गैस टर्बाइन अनुसंधान प्रतिष्ठान’ (GTRE) द्वारा विदेशों के प्रमुख रक्षा कंपनियों के सहयोग से स्वदेशी रूप से विकसित किया जाएगा।
- इसके लिए भारत, फ्रांस के सफरान SA से वार्ता कर रहा है..





