जगदीप धनखड़ के बाद अगला उपराष्ट्रपति: कौन-कौन है रेस में?
Who will be the next Vice President of India?...नए उपराष्ट्रपति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

नईदिल्ली: जगदीप धनखड़ के आकस्मिक इस्तीफे के बाद देश में नए उपराष्ट्रपति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अभी तक सत्तारूढ़ एनडीए या विपक्ष की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक और मीडिया हलकों में कई नाम चर्चा में हैं।
नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। अटकलें हैं कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाया जा सकता है, जिससे बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सके।
हरिवंश नारायण सिंह
राज्यसभा के डिप्टी चेयरपर्सन और जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह भी प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वह फिलहाल अंतरिम रूप से राज्यसभा के अध्यक्ष का कार्य देख रहे हैं और सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वासपात्र माने जाते हैं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
वर्तमान रक्षामंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह का नाम भी चर्चाओं में है। उनके पूर्व उपराष्ट्रपति चुनाव में भी उम्मीदवार बनने की चर्चाएं थीं।
जेपी नड्डा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी चर्चाओं में हैं। पार्टी नेतृत्व के समीप होने के कारण उन्हें भी संभावित माना जा रहा है।
शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम भी मीडिया और सोशल मीडिया दोनों पर चर्चा में है। उनकी सरकार के साथ हालिया समीपता और चर्चाओं में बने रहना इसकी एक वजह मानी जा रही है।
अन्य नाम
इसके अलावा नीति निर्माता और पूर्व राज्यपाल जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आदि के नाम भी अटकलों में हैं, लेकिन इन पर कम चर्चा है।
चुनाव प्रक्रिया और स्थिति
उपराष्ट्रपति का चुनाव सभी लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों की संयुक्त मतदाता सूची से होता है।
एनडीए के पास संसद में स्पष्ट बहुमत है, जिससे उसकी पसंद का उम्मीदवार जीतने की संभावना ज्यादा है।
चुनाव अगले 60 दिनों के भीतर संपन्न होने हैं, और तब तक हरिवंश नारायण सिंह अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे।
फिलहाल नीतीश कुमार, हरिवंश नारायण सिंह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और शशि थरूर के नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं। अंतिम फैसला एनडीए और विपक्ष की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसमें एनडीए के आंतरिक समीकरण निर्णायक होंगे। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी रहेगा।





