“प्रदेश भर में मौसम ने बदला रुख, रविवार को जबलपुर-रीवा सहित 26 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट”

भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश के अधिकतर जिलों में शुक्रवार-शनिवार को झमाझम वर्षा हुई। मावठा की जोरदार बौछारें पड़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिरे, लेकिन उनकी वजह से विशेष नुकसान की आशंका नहीं है।
वहीं, मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, रविवार को अधिकतर शहरों में कोहरा बना रहने के आसार हैं। जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में कई स्थानों पर एवं नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने के आसार हैं।
मौसम का असर
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में रात के तापमान में कुछ गिरावट होने की संभावना है। तीन जनवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इसका मध्य प्रदेश में भी असर दिखेगा।
कहां कितनी बारिश
शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में 55, नर्मदापुरम में 41, बैतूल में 32, जबलपुर में 30, नरसिंहपुर में 27, भोपाल में 17, रीवा में 17, सतना में 13, खजुराहो एवं टीकमगढ़ में 12, सागर में तीन, मंडला में दो, इंदौर में एक, धार में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई।
नौगांव में 11, दमोह में 10, सीधी में आठ, खंडवा में छह, पचमढ़ी में चार, रायसेन में तीन मिलीमीटर वर्षा हुई। राजधानी भोपाल में पांच वर्ष बाद दिसंबर में एक दिन में इतनी वर्षा हुई है। इसके पहले वर्ष 2019 में एक दिन में 21.6 मिमी वर्षा हुई थी।
रविवार को बारिश के आसार
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, रविवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में कई स्थानों पर एवं नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने के आसार हैं। बरसात की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में दिन का सबसे कम 19 डिग्री सेल्सियस तापमान रीवा में दर्ज किया गया।
मौसम प्रणाली
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान एवं उससे लगे जम्मू-कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है। एक प्रेरित चक्रवात दक्षिणी हरियाणा पर सक्रिय है।





