अंधड़-बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम, तापमान में गिरावट; अगले 2 दिन तक अलर्ट

प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बीते 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है। कई जगहों पर तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि भी देखने को मिली।
रायगढ़ में देर रात गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में तेज हवाओं के साथ ओले गिरे। अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिला, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तीन अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके कारण वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ी हुई है। मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती घेरा, महाराष्ट्र तक फैली द्रोणिका रेखा और आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय सिस्टम मिलकर छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
इन सिस्टम्स के कारण अगले 24 से 48 घंटों तक तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
बारिश और तेज हवाओं का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। खासकर गेहूं और चना जैसी रबी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। आम के बौर और अन्य उद्यानिकी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।
मौसम में नमी बढ़ने से उमस और बेचैनी महसूस हो रही है, वहीं बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले तीन दिनों तक बनी रह सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने पर तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।





