छत्तीसगढ़ में नई शराब दुकानों के विरोध में आंदोलन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में 67 नई शराब दुकानों के खुलने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। भगवती मानव कल्याण संगठन और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले से ही प्रदेश में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। साथ ही, अपराधों और महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है।
संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अपील की है कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करें, न कि नई शराब दुकानें खोलें। उन्होंने कहा कि इससे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और कई परिवार बर्बादी की ओर बढ़ेंगे।
भगवती मानव कल्याण संगठन पिछले 25 वर्षों से नशा विरोधी आंदोलन चला रहा है। संगठन के संस्थापक परमहंस योगीराज श्री शक्ति पुत्र महाराज के मार्गदर्शन में यह आंदोलन पूरे प्रदेश में सक्रिय है। संगठन का कहना है कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है और सरकार को इसे बढ़ावा देने की बजाय रोकथाम के उपाय करने चाहिए।
संगठन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 67 नई शराब दुकानों को बंद नहीं किया गया और प्रदेश को नशामुक्त घोषित नहीं किया गया, तो वे प्रदेशभर में बड़े आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और जनजागरण अभियान भी चलाएंगे।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस विरोध को किस तरह से लेती है और क्या नई शराब दुकानों पर रोक लगाने का फैसला करती है या नहीं।





