आधार और राशन कार्ड से हो मतदाता सत्यापन: सुप्रीम कोर्ट
चुनाव आयोग पर फैसला

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह मतदाता सूची के सत्यापन के लिए आधार, मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के साथ राशन कार्ड को भी वैध दस्तावेज मानने पर विचार करे।
हालांकि, चुनाव आयोग पहले से ही आधार और EPIC की जानकारी गणना फार्म के माध्यम से मांग रहा है। अभी तक आयोग आधार और EPIC के साथ 11 अन्य दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज भी मांगता रहा है। अब यह देखना होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद केवल आधार और EPIC देने वाले मतदाताओं को अन्य दस्तावेजों से छूट मिलेगी या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, राशन कार्ड को दस्तावेज के रूप में मान्यता देने से पहले इसके कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। वहीं आधार और EPIC को पहले से ही 24 जून से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में शामिल किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि विभिन्न दस्तावेजों की जानकारी मांगने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची की शुद्धता कई स्तरों पर जांची जाए, ताकि फर्जी नामों और गलत प्रविष्टियों को हटाया जा सके।
चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक राज्य में 66.16% मतदाताओं से 5.22 करोड़ गणना फार्म एकत्र किए जा चुके हैं, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ है। आयोग को उम्मीद है कि निर्धारित समय 25 जुलाई से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसे को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।





