VIT University पर गंभीर लापरवाही के आरोप, जांच रिपोर्ट में उजागर हुए चौंकाने वाले तथ्य

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT University) को लेकर बनी जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। छात्रों के विरोध और बड़े पैमाने पर हुए बवाल के बाद गठित निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन अनुशासन के नाम पर विद्यार्थियों की जान तक जोखिम में डाल रहा था। दूषित भोजन और खराब पेयजल से कई छात्र बीमार पड़े, जबकि शिकायतों को लगातार दबाया गया।
प्रबंधन शिकायतों को धमकाकर दबाता रहा
रिपोर्ट के अनुसार प्रबंधन विद्यार्थियों की शिकायतों को न सिर्फ नजरअंदाज करता रहा, बल्कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी गया। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार द्वारा सार्वजनिक की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि विद्यार्थियों की परेशानी का समाधान करने की बजाय उन्हें फेल करने और परीक्षाओं में शामिल न होने देने की चेतावनी दी जाती थी।
विश्वविद्यालय में तानाशाही रवैया
जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय में निर्णय लेने का अधिकार केवल दो-तीन अधिकारियों तक सीमित था, बाकी अधिकारी केवल औपचारिक रूप से मौजूद थे। प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने या अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाने पर छात्रों के आइकार्ड जब्त कर लिए जाते थे और प्रायोगिक परीक्षाओं में कम अंक देने जैसी कार्रवाइयां भी की जाती थीं।
भोजन और पेयजल की स्थिति बेहद खराब
रिपोर्ट बताती है कि मेस और हॉस्टल की सुविधाएं अत्यंत खराब थीं। शिकायत पर छात्रों को जवाब मिलता था कि जो खाना बनाया गया है, वही खाना पड़ेगा। करीब 15 हजार छात्रों वाले इस परिसर में भोजन की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की पाई गई। कई छात्राओं ने पेयजल में दुर्गंध की शिकायत की, वहीं नियमित माइक्रोबायलॉजिकल ऑडिट भी नहीं किया जा रहा था।
35 विद्यार्थी पीलिया से ग्रस्त पाए गए
पिछले दस दिनों में 35 छात्रों में पीलिया की पुष्टि होने की बात स्वयं प्रबंधन ने स्वीकार की है। हालांकि किसी छात्र की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच में पाया गया कि परिसर में स्थित स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह अव्यवस्थित है। वहां न उपचार का कोई रिकॉर्ड मिला, न ही स्वास्थ्य केंद्र का वैध पंजीयन पाया गया।
रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति को नोटिस जारी कर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। VIT University पर लगे आरोपों ने गुणवत्ता, सुरक्षा और अनुशासन की आड़ में अपनाई जा रही कठोरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





