जयपुर में वर्धमान ग्रुप पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज, फर्जी दस्तावेजों से जमीन कब्जाने और 20 करोड़ से ज्यादा हड़पने का आरोप

जयपुर में वर्धमान ग्रुप के खिलाफ धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर श्री कुंदन लाल मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष की शिकायत पर मानसरोवर थाने में दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्धमान ग्रुप ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सोसाइटी की जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची और 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़प ली।
पुलिस के अनुसार, सोसाइटी अध्यक्ष दीप चंद वर्मा की शिकायत पर वर्धमान न्यूजेन एजुकेशन एकेडमी और उसके निदेशक कमल सेठिया तथा विवेक सेठिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोसाइटी से लीज पर ली गई जमीन का गलत इस्तेमाल किया गया और नियमों के विपरीत निर्माण कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।
शिकायत में बताया गया है कि राजस्थान आवासन मंडल द्वारा वर्ष 2000 में सोसाइटी को मानसरोवर सेक्टर-3 में जमीन आवंटित की गई थी, जिस पर स्कूल और कॉलेज संचालित किए जा रहे थे। वर्ष 2016 में सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट के नाम पर वर्धमान ग्रुप को प्रबंधन सौंपा गया, जिसकी आड़ में आरोपियों ने आय में हेराफेरी शुरू कर दी।
आरोप है कि बिना अनुमति के कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित की गईं, स्पोर्ट्स एकेडमी और अवैध गेम जोन चलाए गए और छात्रों से ली गई फीस को गलत तरीके से डायवर्ट किया गया। बहीखातों में वास्तविक आय छिपाकर हर साल करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
सोसाइटी का दावा है कि 1800 से 2000 छात्रों से वसूली गई फीस में से बड़ी रकम का कोई हिसाब नहीं है और इस पैसे का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वर्धमान बिल्डर प्रोजेक्ट्स में किया गया। इसके अलावा, लीज डीड ट्रांसफर कराने के लिए राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में फर्जी दस्तावेज भी पेश किए गए।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों व वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी में वर्धमान ग्रुप के ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद बरामद किए गए थे, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।





