रायपुर विधानसभा में मतदाता सूची विवाद पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर में विधानसभा के शून्यकाल के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में नाम काटे जाने के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन आसंदी द्वारा इसे खारिज किए जाने के बाद नाराज विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि SIR के तहत 19 लाख 13 हजार से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए चर्चा की मांग की और कहा कि इतने बड़े पैमाने पर नागरिक “लापता” हो गए हैं।
वहीं, सत्तापक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इस मुद्दे को राज्यहित से जुड़ा नहीं बताते हुए कहा कि इसे विधानसभा में उठाना उचित नहीं है और इसे रिकॉर्ड में भी शामिल नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने भी कहा कि प्रदेश में सब कुछ ठीक चल रहा है और विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
इस दौरान कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि एक पार्टी के लोगों ने दूसरे बूथों के मतदाताओं के नाम कटवाए हैं, जिस पर सदन में तीखी बहस शुरू हो गई। भाजपा की ओर से इस बयान पर आपत्ति जताई गई, जिससे माहौल और गरमा गया।
आखिरकार, आसंदी ने इसे भारत निर्वाचन आयोग का विषय बताते हुए स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।





