उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की जमानत के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, पीड़िता और कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग की

दिल्ली। उन्नाव रेप केस में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा निलंबित कर सशर्त जमानत दिए जाने के फैसले के खिलाफ रविवार को जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, वामपंथी छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां उठाईं, नारे लगाए और भाजपा के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान सेंगर का समर्थन करने वाली एक महिला ‘I Support Kuldeep Sengar’ का पोस्टर लेकर पहुंची, जिससे विरोधियों में गुस्सा बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश पीड़िता और उसके परिवार के लिए ‘काल’ जैसा है। उन्नाव रेप पीड़िता ने आजतक से बातचीत में कहा कि जमानत के कारण सेंगर की सजा प्रभावी रूप से रोक दी गई है और उसके परिवार की सुरक्षा खतरे में है।
पीड़िता की मां ने भी कहा कि हाई कोर्ट पर भरोसा नहीं है और अब उन्हें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है। सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने कहा कि पीड़िता को दोबारा सड़क पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है और दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला देश की महिलाओं के लिए आघात है।
उन्नाव रेप मामला 2017 का है, जब नाबालिग लड़की ने तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया। प्रारंभिक जांच और धमकियों के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। 2019 में दिल्ली ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित कर दी और उन्हें सशर्त जमानत दी।
जमानत की शर्तों में सेंगर को पीड़िता के निवास के पास नहीं जाने और गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश शामिल है। हालांकि, सेंगर के परिवार और समर्थकों में इसका विरोध है। सीबीआई ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि न्याय केवल सुप्रीम कोर्ट में संभव है और इस मामले में पीड़िता को पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए।





