केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी – “या तो जेल जाएंगे या जहन्नुम में”

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आतंकवादियों को स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब उनके पास सिर्फ दो ही रास्ते बचे हैं – या तो वे जेल जाएंगे या जहन्नुम में। उन्होंने यह बयान बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान दिया। राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीरो-टॉलरेंस नीति के चलते देश में आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके कारण आतंकवादी घटनाओं में 71% की कमी आई है।
आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति
नित्यानंद राय ने कहा कि पहले आतंकवादियों को महिमामंडित किया जाता था और उन्हें सुविधाएं भी दी जाती थीं। लेकिन अब समय बदल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है। सरकार की सख्त नीति के कारण अब आतंकवादी घटनाओं में तेजी से गिरावट आई है।
उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की है और आतंकवाद को समाप्त करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
एनआईए की भूमिका और प्रभावी कार्रवाई
राय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्रशंसा करते हुए कहा कि एनआईए ने आतंकवादियों के खिलाफ कारगर तरीके से कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि 12 मार्च 2025 तक एनआईए ने अपनी स्थापना के बाद से कुल 652 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से 516 मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए हैं।
एनआईए ने अब तक 4232 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 625 को दोषी ठहराया है। कुल 157 मामलों में से 150 में दोषसिद्धि हुई है, जिससे एनआईए की दोषसिद्धि दर 95.54% हो गई है। राय ने इसे एनआईए की कार्यकुशलता और कड़ी मेहनत का नतीजा बताया।
आतंकवादियों की संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई
राय ने यह भी बताया कि एनआईए ने आतंकवादियों की संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की है। यूए(पी) अधिनियम के तहत कुल 551 चल और अचल संपत्तियों को जब्त या कुर्क किया गया है, जिनकी कीमत लगभग 116.27 करोड़ रुपये है। इससे साफ है कि सरकार सिर्फ आतंकवादियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी आर्थिक शक्ति को भी कमजोर कर रही है।
एनआईए का विस्तार और नई शाखाओं की स्थापना
नित्यानंद राय ने एनआईए की विस्तार योजना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2019 से पहले एनआईए के सिर्फ 8 शाखा कार्यालय थे, लेकिन अब सरकार ने 13 नए शाखा कार्यालय और 2 क्षेत्रीय कार्यालय खोले हैं। वर्तमान में देशभर में एनआईए के कुल 21 शाखा कार्यालय हैं। इन कार्यालयों के विस्तार का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाना है।
राय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में एनआईए में 625 नए पद सृजित किए गए हैं, जिनमें तकनीकी विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। वर्तमान में एनआईए में कुल 1901 स्वीकृत पद हैं। इन नए पदों के निर्माण से एनआईए की क्षमता में और इजाफा हुआ है, जिससे आतंकवाद के खिलाफ जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मोदी सरकार का साफ संदेश – आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं
नित्यानंद राय ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा, “आतंकवादियों को या तो जेल जाना होगा या फिर जहन्नुम में।” सरकार का यह स्पष्ट संदेश दर्शाता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राय के इस बयान से साफ हो गया कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प पर अडिग है और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। एनआईए की बढ़ती हुई पहुंच और उच्च दोषसिद्धि दर सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है।
सरकार के इन कदमों से यह स्पष्ट है कि देश में आतंकवाद के लिए अब कोई जगह नहीं है और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।





