सिंगापुर में दो भारतीय युवकों को 5 साल की जेल और बेंत की सजा, सेक्स वर्कर्स से लूटपाट का मामला

सिंगापुर की एक अदालत ने दो भारतीय युवकों को लूट और हमला करने के आरोप में 5 साल 1 महीने की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को 12 बेंत की सजा भी दी गई है। यह घटना तब सामने आई जब भारत से छुट्टियां मनाने गए 23 वर्षीय अरोकियासामी डैसन और 27 वर्षीय राजेंद्रन मयिलारासन ने दो सेक्स वर्कर्स के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों आरोपी 24 सितंबर को भारत से सिंगापुर घूमने गए थे। वहां “लिटिल इंडिया” इलाके में उन्हें एक व्यक्ति मिला जिसने सेक्स सर्विसेज के लिए महिलाओं का संपर्क दिया। इसके बाद दोनों ने पैसे की जरूरत बताते हुए एक साजिश रची — उन्होंने तय किया कि महिलाओं को होटल बुलाकर उनसे लूटपाट करेंगे।
पहली महिला को जब वे अपने होटल, जालान बेसर, बुलाए, तो दोनों ने उसे कपड़ों से बांध दिया और मारपीट कर करीब 2000 डॉलर, ज्वेलरी, पासपोर्ट और बैंक कार्ड लूट लिए। इसके बाद उन्होंने दूसरी महिला को दूसरी जगह, डेस्कर रोड के होटल में बुलाया। वहां भी उन्होंने महिला को खींचकर कमरे में बंद किया, उसके मुंह पर हाथ रखकर उसे चुप कराया और 800 डॉलर नकद, दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट लेकर भाग निकले।
अगले दिन पीड़िता ने एक व्यक्ति को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सुनवाई के दौरान दोनों ने अपना अपराध कबूल किया और अदालत से दया की अपील की। अदालत ने बताया कि “जानबूझकर चोट पहुंचाते हुए लूट करने” का अपराध सिंगापुर के कानून में 5 से 20 साल की सजा और कम से कम 12 बेंत की सजा का प्रावधान रखता है।
अरोकियासामी ने अदालत में कहा कि उसके पिता का निधन पिछले वर्ष हुआ था और घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। उसने बताया कि भारत में उसकी पत्नी और बच्चा अकेले हैं। हालांकि, अदालत ने इसे अपराध का औचित्य नहीं माना और दोनों को कठोर दंड सुनाया।
यह मामला सिंगापुर में विदेशी पर्यटकों के अपराधों पर सख्त कार्रवाई की मिसाल बन गया है। स्थानीय पुलिस ने चेतावनी दी है कि देश में आने वाले पर्यटक कानून का पालन करें, अन्यथा उन्हें कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा।





