भ्रष्टाचार से परेशान शख्स लोटते हुए जनसुनवाई में पहुंचा, कलेक्टर ऑफिस में सब देखते रहे तमाशा…

मंदसौर। कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में मल्हारगढ़ के ज्ञानेश प्रजापति लोटते हुए अपनी समस्या सुनाने पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय में मौजूद अधिकारी व कर्मचारियों ने भी उन्हें नहीं उठाया। वे लोटते हुए जनसुनवाई कक्ष तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मल्हारगढ़ नगर परिषद सीएमओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाता रहा।
मल्हारगढ़ के वार्ड 6 के निवासी ज्ञानेश प्रजापति मंगलवार सुबह लगभग 11:30 बजे कलेक्टर कार्यालय में गेट से लोटते हुए जनसुनवाई कक्ष तक पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी देखते रहे।
आवेदन देकर जांच की मांग
- ज्ञानेश प्रजापति ने कलेक्टर के नाम आवेदन भी दिया है। इसमें नगर परिषद मल्हारगढ़ में चल रहे निर्माण कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच की मांग की गई।
- शिकायत में कहा गया कि वार्ड 12 में नाला निर्माण में भ्रष्टाचार, वार्ड क्र 4 कायाकल्प योजना का सीसी निर्माण में भ्रष्टाचार, वार्ड 5 आंबेडकर मांगलिक भवन के ऊपर डोम निर्माण की जांच की जाए।
- नगर परिषद मल्हारगढ़ में वार्ड 12 नाला निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें 8 एमएम का सरिया लगाया गया है। घटिया निर्माण के कारण जगह-जगह से नाला टूटने लगा है।
- आगे जाकर नाला एक छोटी सी नाली में तब्दील कर दिया गया। इस नाले के अंदर छोटी-छोटी नालियां बनाई गई। नाले का नीचे का फर्श पूरी तरह तड़क गया है। इसमें हो रही बड़ी बड़ी दरारें घटिया निर्माण की कहानी बयां कर रही है।
ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार का आरोप
आरोप है कि नगर परिषद के इंजीनियर भी भ्रष्टाचार में शामिल है, जिन्होंने जांच के नाम पर गलत रिपोर्ट बना दी। ठेकेदार और इंजीनियर का कहना है कि कमीशन नगर पंचायत से लेकर जिला अधिकारियों तक बंटता है। कमीशन के चक्कर में इन निर्माण कार्य की विधिवत जांच नहीं हो रही।
आवेदन में लिखा गया है कि शहरी विकास अभिकरण के जिला परियोजना अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। कलेक्टर ने 20 अगस्त 2024 को नाला निर्माण के संबंध में सीएमओ और इंजीनियर को रिकॉर्ड लेकर बुलाया था, लेकिन उसके बाद आगे की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
फरियादी का कहना है कि अगर टेस्ट रिपोर्ट सही है, तो नाला जगह-जगह से टूटने व तड़कने क्यों लगा है? बिल में सरिया 12 एमएम का पास किया गया है। पूरे मामले की जांच होना चाहिए।





