रायपुर: ट्रैफिक पुलिस ने युवक से की धक्का-मुक्की, बाइक को जंजीर से बांधा, वीडियो वायरल

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर ट्रैफिक पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े हो गए हैं। पचपेड़ी नाका ब्रिज के नीचे यातायात थाने के बाहर एक युवक से मारपीट और उसकी बाइक को जंजीर से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद लोग नाराज़ हैं और आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या हुआ था?
घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। एक युवक अपनी बाइक से पचपेड़ी नाका अंडरब्रिज की तरफ जा रहा था। वहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के एक जवान ने उसे रोक लिया और कागजात दिखाने को कहा। युवक ने बताया कि वह अस्पताल का कर्मचारी है और इमरजेंसी ड्यूटी पर जा रहा है। उसने पुलिसकर्मी से विनती की कि उसे जल्दी जाने दिया जाए, लेकिन पुलिसकर्मी ने उसकी बात अनसुनी कर दी।
युवक का कहना है कि उसके पास कागजात घर पर थे और वहां से फोटो भेजने वाला भी कोई नहीं था। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने उसकी बाइक को जबरन चौकी के सामने खड़ा करके लोहे की जंजीर से बांध दिया। युवक के विरोध करने पर उसके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की गई।
वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय
इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक अपनी बात समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पुलिसकर्मी उसकी बात नहीं सुनता और बाद में उससे मारपीट करता है।
युवक ने क्या कहा?
पीड़ित युवक तारकेश्वर जंघेल, जो बसंत विहार का रहने वाला है, ने बताया कि वह वी वाय हॉस्पिटल में काम से गया था और फिर ड्यूटी पर लौट रहा था। उसने कहा, “मैंने पुलिसकर्मी को बताया कि मुझे इमरजेंसी ड्यूटी पर जाना है। कागज घर पर हैं और कोई फोटो भेजने वाला नहीं है। फिर भी मेरी बात नहीं मानी और मुझे अपमानित किया। मुझे मानसिक तौर पर भी झटका लगा है। अब मैं इसकी शिकायत करूंगा।”
पुलिस की प्रतिक्रिया
फिलहाल ट्रैफिक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू हो गई है। आरोपी पुलिसकर्मी की पहचान की जा रही है और उस पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इस घटना के बाद लोग सोशल मीडिया पर गुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि “पुलिस को नियम लागू करने का हक है, लेकिन इंसानियत और संवेदनशीलता भी जरूरी है।” लोगों ने सवाल उठाए कि ऐसी घटनाओं से पुलिस और जनता के बीच भरोसा क्यों टूटता जा रहा है।
बड़ा सवाल
इस घटना के बाद फिर यह बहस शुरू हो गई है कि क्या ट्रैफिक व्यवस्था जनता की मदद के लिए है या डर और दमन के लिए? लोग कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में जल्दी और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे।





