स्वच्छता के मॉडल को समझने इंदौर पहुंचे रायपुर की मेयर और अधिकारी, सीखे कई काम के तरीके

रायपुर। रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, आयुक्त विश्वदीप, और अन्य अधिकारी हाल ही में इंदौर के अध्ययन दौरे पर पहुंचे। यह दौरा राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) द्वारा छत्तीसगढ़ के शहरों को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने की योजना के तहत आयोजित किया गया था।
इस दौरे का मकसद इंदौर के सफल सफाई मॉडल को समझना और उसे छत्तीसगढ़ के शहरों में लागू करना था। इंदौर में देश की सबसे बेहतर सफाई व्यवस्था मानी जाती है, और रायपुर समेत प्रदेश के बाकी शहर भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
महापौर मीनल चौबे ने इंदौर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माने की व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने और अन्य अधिकारियों ने घर-घर कचरा संग्रहण, जीपीएस ट्रैकिंग वाली कचरा गाड़ियों, शिकायत निवारण एप और जोन आधारित सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
टीम ने इंदौर के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जाकर वहां की रियल-टाइम निगरानी प्रणाली को भी समझा। इसके साथ ही उन्होंने RRR सेंटर (Reduce, Reuse, Recycle), बायोगैस प्लांट और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का दौरा कर इंदौर की कुशल कचरा प्रबंधन प्रणाली से जानकारी ली।
इस दौरे में रायपुर की टीम ने इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात की और जनभागीदारी, ग्रीन बॉन्ड और यूज़र चार्ज जैसे नए फाइनेंस मॉडल पर भी चर्चा की। अंत में टीम ने इंदौर के जीरो वेस्ट वार्ड और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी दौरा किया, जहां उन्हें तरल कचरे के प्रबंधन और उसके पुनः उपयोग की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी मिली।
अब उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे से मिली सीख रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों को और ज्यादा स्वच्छ और स्मार्ट बनाने में मदद करेगी।





