मोलाई जंगल में आगजनी से तबाही, हजारों पौधे और जीव-जंतु जलकर नष्ट

असम में ‘फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर पद्मश्री पुरस्कार विजेता जादव पायेंग द्वारा विकसित मोलाई जंगल में अज्ञात बदमाशों ने आग लगा दी। इस आगजनी में हजारों पौधे जलकर खाक हो गए, वहीं बड़ी संख्या में कीड़े-मकोड़े और छोटे जानवरों की भी मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह आग मोलाई कटौनी क्षेत्र में लगाई गई, जो जोरहाट–माजुली वन प्रभाग में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित है। आग तेजी से जंगल के दूसरे हिस्से मोलाई कथोनी 2.0 तक फैल गई, जिससे हरे-भरे इलाके का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ।
प्रारंभिक आकलन में सामने आया है कि आग से करीब 5,500 से अधिक पौधे जल गए। ये पौधे वर्ष 2022 में जादव पायेंग और उनकी बेटी मुनमुनी द्वारा लगाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग की चपेट में आने से कीड़े-मकोड़े, चूहे और अन्य छोटे जीव मारे गए हैं।
जादव पायेंग की बेटी मुनमुनी ने दावा किया कि आग जानबूझकर लगाई गई। घटना की जानकारी मिलते ही वह स्वयंसेवकों और छात्रों के साथ मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। उन्होंने बताया कि 14 लोगों की टीम मशीनी नाव से करीब 40 मिनट का सफर तय कर जंगल तक पहुंची, जहां आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी।
मुनमुनी के अनुसार, टीम ने झाड़ियों और टहनियों की मदद से लंबे समय तक आग पर काबू पाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका जा सका।
वन विभाग ने इस आगजनी को गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नुकसान का आकलन कर जंगल के पुनर्विकास की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।





