मंगल कार्बन प्लांट हादसे ने उजाड़ा पूरा परिवार, पिता-पुत्र और 9 माह की मासूम की मौत से गांव में मातम

रायगढ़ जिले में स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक घटना में पिता, पुत्र और 9 माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया। एक दिन पहले ही मासूम बच्ची को दफनाया गया था और अगले दिन इलाज के दौरान पिता और बेटे ने भी दम तोड़ दिया।
साहेबलाल खड़िया (46) और उनके बेटे शिव खड़िया (27) के शव जब गांव रजघट्टा स्थित घर पहुंचे, तो परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। दोनों के शव आंगन में रखे गए, जहां बुजुर्ग पिता कुंजराम खड़िया अपने बेटे और पोते के शव के पास चुपचाप बैठे रहे। वहीं, मृतकों की पत्नी और परिजन बिलख-बिलखकर रोते रहे। दोपहर में पिता और बेटे की अर्थी एक साथ निकाली गई, जिसे पूरे गांव ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
इससे पहले हादसे में गंभीर रूप से झुलसी 9 माह की बच्ची भूमि खड़िया की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बच्ची को परंपरा के अनुसार दफनाया गया था। हादसे में परिवार के चार सदस्य झुलस गए थे, जिनमें मां उदासिनी खड़िया अभी अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
परिजनों के अनुसार, यह हादसा प्लांट में टायर गलाने के दौरान हुआ, जब फर्नेस खोलते ही तेज दबाव के साथ आग बाहर निकल आई और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। आरोप है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर चक्काजाम किया और प्रत्येक मृतक के लिए 50 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, घायलों के इलाज का पूरा खर्च और प्लांट प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि अब घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा है, जिससे परिवार के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।





