हजारों बी.एड शिक्षकों का भविष्य दांव पर, यात्रा में प्रशासन ने रोड़ा अटकाया

बिलासपुर :बी.एड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों की ‘अनुनय यात्रा’ ने आज बिलासपुर पहुंचकर एक बार फिर अपने मुद्दों को लेकर प्रशासन से अपना पक्ष रखा। ये शिक्षक अंबिकापुर से शुरू होकर राजधानी रायपुर तक पैदल यात्रा कर रहे हैं, ताकि उनकी सेवा-सुरक्षा और समायोजन की मांगों को सुना जाए। लेकिन प्रशासन ने उन्हें बिना अनुमति के यात्रा करने के कारण रोका और उनका मार्ग अवरुद्ध कर दिया।

इस यात्रा का उद्देश्य बी.एड शिक्षकों के समायोजन, सेवा-सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। इन शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, करीब 2900 शिक्षकों की नौकरियां अब खतरे में हैं।

दरअसल, उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया था कि डीएड वाले शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति दी जाए, जबकि बी.एड प्रशिक्षित शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त नहीं किया गया था। बी.एड प्रशिक्षित शिक्षकों की यह यात्रा इसलिए खास है, क्योंकि इन शिक्षकों ने लगभग 15 महीने तक अपनी सेवा दी है, और अब वे समायोजन की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से उन्हें अनुमति न मिलने पर यात्रा में कोई विशेष राहत नहीं मिली, लेकिन इन शिक्षकों का संघर्ष अब भी जारी है। उनका कहना है कि अगर समायोजन नहीं किया गया, तो उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है, और वे अपना हक पाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।

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