Traffic became a problem: ट्रैफिक सुधार के फेर में उलझा शहर, बैरिकेडिंग बनी मुसीबत, राहगीरों को लगाना पड़ रहा 2 किमी का चक्कर

Traffic became a problem: बिलासपुर। बिलासपुर शहर के होमगार्ड चौराहा और रिवर व्यू अप्रोच रोड जैसे व्यस्त क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस कदम का उद्देश्य यातायात को सुचारु बनाना था, लेकिन यह व्यवस्था अब नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। बता दें कि, कुदुदंड, मंगला, और सत्ताइस खोली जैसे क्षेत्रों से आने वाले लोगों को शहर के प्रमुख बाजारों जैसे गोलबाजार, बृहस्पति बाजार और सदर बाजार तक पहुंचने के लिए अब पहले की तुलना में दो किलोमीटर का अतिरिक्त फासला तय करना पड़ रहा है।
पहले जहां लोग सीधे मुड़कर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे, अब बैरिकेडिंग के कारण उन्हें लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। नई व्यवस्था से परेशान कुछ वाहन चालक शॉर्टकट अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन सवार रॉन्ग साइड में मुड़कर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
इससे सड़क पर अव्यवस्था बढ़ रही है और आमने-सामने की टक्कर की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इससे न केवल खुद वाहन चालक खतरे में हैं, बल्कि अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। प्रशासन का उद्देश्य ट्रैफिक को व्यवस्थित करना था, लेकिन फिलहाल यह योजना लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। अब जरूरत इस बात की है कि व्यवस्था को जनहित में पुनः परखा जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए जो ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ आम जनता की सुविधा का भी ख्याल रखे।





