मेरठ-प्रयागराज के बीच 594 किमी का सफर अब सिर्फ 6 घंटे; गंगा एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के लिए तैयार

मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे अब लगभग पूरी तरह बनकर तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अंतिम चरण में मात्र 2 प्रतिशत फिनिशिंग का कार्य बचा है, जिसे 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद रोड सेफ्टी और क्वालिटी एक्सपर्ट की टीम ट्रायल रन करेगी।
उम्मीद है कि लगभग 15 दिन के सफल ट्रायल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी में मकर संक्रांति के अवसर पर इसका उद्घाटन कर सकते हैं। यह एक्सप्रेस-वे 594 किलोमीटर लंबा है और मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी को घटाकर सिर्फ 6-7 घंटे में पूरा कर देगा।
इस विशाल परियोजना के तहत 1498 बड़े स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिनमें से 1497 का काम पहले ही पूरा हो चुका है। पहले चरण में मेरठ से बदायूं तक 129 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह तैयार है।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर 5 जगह एयर स्ट्रिप भी बनाई गई हैं, जिनपर लड़ाकू विमान इमरजेंसी में लैंड कर सकेंगे। एक्सप्रेस-वे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है।
टोल दरों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि कारों के लिए लगभग 2.55 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से शुल्क निर्धारित हो सकता है। एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम रफ्तार सीमा 160 किमी प्रति घंटा रखी जा सकती है, जिससे यह यात्रा प्रदेश की सबसे तेज और सुरक्षित मार्गों में शामिल होगी।





