महासमुंद में 4.61 करोड़ की नशीली खेप जब्त, पैकर्स-मूवर्स और ड्राई फ्रूट की आड़ में चल रहा था अंतरराज्यीय नेटवर्क

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत महज 10 घंटे के भीतर अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 6 क्विंटल 85 किलो गांजा और 700 नशीली टैबलेट बरामद की गईं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई बसना, कोमाखान, सिंघोड़ा और सिटी कोतवाली क्षेत्रों में की गई। गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के निवासी शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तस्कर ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स और अन्य साधनों की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे थे।
कोमाखान क्षेत्र में एनएच-353 पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक से 25 किलो गांजा जब्त किया गया, वहीं एक कार से 200 किलो गांजा बरामद हुआ। बसना क्षेत्र में पैकर्स एंड मूवर्स के नाम पर चल रही पिकअप से 454 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया। सिंघोड़ा क्षेत्र में बाइक सवार दो आरोपियों से 6 किलो गांजा मिला। सिटी कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास से 700 नशीली टैबलेट जब्त कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक, पिकअप, कार और बाइक भी जब्त किए हैं। कुल जब्ती की कीमत 4.61 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क ओडिशा से नशीले पदार्थ लाकर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान तक सप्लाई करता था।
पिछले तीन महीनों में जिले में नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत 63 मामलों में 4 हजार किलो से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।





