ईरानी तेल पर अस्थायी छूट से वैश्विक बाजार को राहत, पेट्रोल-डीजल कीमतों में गिरावट के संकेत

अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देते हुए 19 अप्रैल तक इसकी बिक्री की अनुमति दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक बाजार में बढ़ती ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम करना और सप्लाई को सुचारु बनाना है। इसके तहत तय समय से पहले जहाजों पर लादा गया ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल कार्गो बेचा जा सकेगा।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलसंधि से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा। यह मार्ग दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल परिवहन के लिए अहम माना जाता है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया, जिसमें ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस छूट से बाजार में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल उपलब्ध हो सकता है, जिससे आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों में नरमी आ सकती है। हालांकि यह कदम सीमित समय के लिए उठाया गया है और इसका उद्देश्य तत्काल दबाव को कम करना है।
बढ़ती ईंधन कीमतें महंगाई को बढ़ा रही हैं और राजनीतिक दबाव भी पैदा कर रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका पहले ही अपने रणनीतिक भंडार से तेल जारी कर चुका है और शिपिंग नियमों में भी अस्थायी राहत दी गई है।
वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है और ईरान ने जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया है। क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर हमलों के कारण सप्लाई चेन पर लगातार असर पड़ रहा है। ऐसे में यह अस्थायी छूट वैश्विक बाजार को कुछ समय के लिए राहत दे सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।





