रेलवे टिकट रिफंड के नाम पर शिक्षिका से साइबर ठगी, खाते से चार लाख से ज्यादा रुपये उड़ाए

जबलपुर में रेलवे टिकट का रिफंड पाने की कोशिश एक शिक्षिका के लिए भारी पड़ गई। साइबर ठगों ने रिफंड प्रक्रिया के नाम पर उनके बैंक खातों से 4,32,721 रुपये निकाल लिए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित अप्सरा अपार्टमेंट में रहने वाली शिक्षिका नंदिता बोस ने 31 जनवरी को गोवा जाने के लिए रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र से टिकट बुक किया था। ऑनलाइन भुगतान करने के बावजूद तकनीकी कारणों से टिकट जारी नहीं हुआ, जबकि उनके खाते से राशि कट गई थी।
रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राशि स्वतः वापस आ जाएगी, लेकिन कई दिनों तक रिफंड नहीं मिलने पर उन्होंने इंटरनेट पर समाधान खोजने का प्रयास किया। इसी दौरान वे एक फर्जी वेबसाइट के संपर्क में आ गईं, जहां शिकायत दर्ज करने के बाद उन्हें एक कॉल आया।
कॉलर ने खुद को एनपीसीआई का कर्मचारी बताते हुए रिफंड प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे बैंक खाते से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद ठगों ने उनके इंडियन बैंक खाते से 2,91,021 रुपये और सेंट्रल बैंक के खाते से 1,41,700 रुपये अवैध रूप से ट्रांसफर कर लिए।
धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़िता ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या वेबसाइट पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।





