ग्वालियर में शुरू हुआ तानसेन संगीत समारोह, पांच दिन तक बिखरेंगे सुर और राग

संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में सोमवार से तानसेन संगीत समारोह की शुरुआत हो गई। 101वें आयोजन के तहत पांच दिनों तक शास्त्रीय संगीत की सुर लहरियां वातावरण को सुर, ताल और राग से सराबोर करेंगी। यह प्रतिष्ठित समारोह 19 दिसंबर तक चलेगा।
तानसेन समाधि स्थल पर आयोजित इस समारोह में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से तानसेन को स्वरांजलि देंगे। समारोह की शुरुआत सुबह तानसेन की समाधि पर शहनाई वादन, हरिकथा और मीलाद वाचन के साथ चादरपोशी से हुई। इसके बाद शाम को मुख्य मंच पर सांगीतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ।
मुख्य आयोजन के लिए मंच को ग्वालियर किला स्थित चतुर्भुज मंदिर की थीम पर सजाया गया है। यहां अतिथियों की मौजूदगी में औपचारिक उद्घाटन के बाद गायन और वादन की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। समारोह में पद्मविभूषण, पद्मश्री और अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित कलाकार भाग ले रहे हैं।
आयोजन के दौरान 18 दिसंबर तक सुबह और शाम की सभाएं मुख्य स्थल पर होंगी। 18 दिसंबर को बटेश्वर मंदिर परिसर में विशेष संगीत सभा आयोजित की जाएगी। अंतिम दिन 19 दिसंबर को सुबह की सभा तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और शाम की सभा गूजरी महल में आयोजित की जाएगी।
तानसेन संगीत समारोह के साथ ग्वालियर एक बार फिर शास्त्रीय संगीत की राजधानी के रूप में सुरों की साधना का साक्षी बन रहा है।





