रायपुर में गंदे पानी का इलाज, शहर को मिल रही साफ-सफाई की नई ताकत

रायपुर नगर निगम ने शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया है। इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए गए हैं, जहां नालों से आने वाले गंदे पानी को लगातार साफ किया जा रहा है।
नगर निगम ने कुल चार जगहों – चन्दनीडीह (75 एमएलडी), कारा (55 एमएलडी), निमोरा (90 एमएलडी) और भांठागांव (6 एमएलडी) में ट्रीटमेंट प्लांट बनाए हैं। इनकी कुल क्षमता 206 एमएलडी है।
रायपुर शहर से निकलने वाले 17 छोटे-बड़े नाले मिलकर 6 मुख्य नालों में बहते हैं। इन सभी नालों का गंदा पानी इन एसटीपी प्लांटों तक पहुंचाया जाता है, जहां इसका उपचार किया जाता है।
चिनगिरी, गोवर्धन, सरोना वंडर पार्क और अटारी नाले का पानी चन्दनीडीह प्लांट में, छोकरा नाले का पानी निमोरा प्लांट में और तेंदुआ नाले का पानी कारा प्लांट में साफ किया जा रहा है।
फिलहाल चन्दनीडीह प्लांट लगभग 65 फीसदी क्षमता पर चल रहा है, जबकि कारा और निमोरा प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। निमोरा क्षेत्र में उद्योगों से आने वाले ज्यादा गंदे पानी को देखते हुए वहां 60 एमएलडी का नया एसटीपी प्लांट लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।
नए प्लांट के बनने से कारा और निमोरा पर दबाव कम होगा और रायपुर का गंदा पानी और बेहतर तरीके से साफ किया जा सकेगा। नगर निगम का कहना है कि शहर के दूषित पानी को पूरी तरह साफ करने के लिए लगातार काम जारी है।





