MP में सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ के 30 जिलों में अलर्ट: बादल गरजेंगे-चलेगी आंधी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक रुख बदल लिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 जिलों में बिजली गिरने, बादल गरजने और तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। बस्तर, नारायणपुर और दुर्ग जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। मध्यप्रदेश में बने लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की स्थिति बन रही है।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश भी देखी गई। तापमान की बात करें तो रविवार को सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 31.6°C और न्यूनतम तापमान भी दुर्ग में 18.6°C दर्ज किया गया।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बालोद जिले में अब तक 882 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 17% अधिक है। बलरामपुर जिले में 1235.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71% अधिक है। वहीं जांजगीर जिले में 24% अधिक बारिश हुई। बेमेतरा (-48%) और महासमुंद (-20%) जिलों में वर्षा सामान्य से काफी कम रही, जबकि सरगुजा में 27% कमी दर्ज की गई।
रामानुजगंज में कन्हर नदी का जल स्तर बढ़ गया है और एनीकट के ऊपर से पानी बह रहा है। फकीरवा नाला होकर वार्ड क्रमांक 13, 14 और 15 में पानी पहुंच रहा है, जिससे आवाजाही बाधित हो रही है और कुछ घरों में पानी घुस गया है।
दुर्ग जिले में रविवार को घने बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। दिनभर औसत तापमान 22.6°C और हवाओं की रफ्तार 18-25 किमी प्रति घंटा रही। प्रदेश के मध्य भाग और पूर्वी मध्य प्रदेश में बने लो प्रेशर एरिया के कमजोर होने के बावजूद साइक्लोन सर्कुलेशन सक्रिय है।
1 जून से 30 जुलाई तक प्रदेश में कुल 623.1 मिमी बारिश हुई, जो अनुमानित 558 मिमी से 12% अधिक है। सिर्फ जुलाई माह में 453.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 बार जुलाई में 400 मिमी से ज्यादा बारिश हुई थी।
मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली के खतरे से सतर्क रहने की सलाह दी है। विपरीत दिशा में चलने वाले बादलों के टकराने से बिजली पैदा होती है और यह धरती तक गिरती है। चार्ज से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है।





