औरंगजेब पर मचा बवाल: स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान, VHP ने कब्र तोड़ने का किया ऐलान

देशभर में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और अबू आजमी के बयानों ने नई बहस को जन्म दे दिया है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब की कब्र को खत्म करने की धमकी देकर मामले को और भड़का दिया है।
स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान:
स्वामी प्रसाद मौर्य ने औरंगजेब को नाथूराम गोडसे से बेहतर बताया है। उनका कहना है कि औरंगजेब चाहे जैसा भी शासक रहा हो, लेकिन वो नाथूराम गोडसे से बेहतर था। मौर्य ने कहा, “नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी, जो देश के राष्ट्रपिता माने जाते हैं। इसलिए, जो लोग दूसरों पर उंगली उठाते हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।”
अबू आजमी का बयान:
समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने भी औरंगजेब के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि उसके शासनकाल में भारत की सीमा अफगानिस्तान से लेकर बर्मा (म्यांमार) तक फैली हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि औरंगजेब एक क्रूर शासक नहीं था और उसने कई मंदिरों का निर्माण करवाया था।
अबू आजमी ने यह भी कहा कि औरंगजेब और छत्रपति संभाजी महाराज के बीच की लड़ाई राजनीतिक थी, धार्मिक नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि औरंगजेब के शासनकाल में भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) विश्व की कुल जीडीपी का 24 प्रतिशत थी और तब भारत को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था।
VHP की धमकी:
औरंगजेब पर चल रहे विवाद के बीच, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब की कब्र को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर औरंगजेब की कब्र का अंत कर दिया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ता विवाद:
इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी नेता देश में नफरत का बीज बो रहे हैं, जिससे हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
जनता में असमंजस और आक्रोश:
औरंगजेब को लेकर चल रही बहस ने लोगों के बीच असमंजस और आक्रोश को जन्म दिया है। जहां कुछ लोग इतिहास को सही तरीके से समझने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि यह विवाद किस ओर बढ़ता है और प्रशासन क्या कदम उठाता है।





