सरगुजा: अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप, दो मौतों से दहशत

अंबिकापुर (जिला सरगुजा) में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पीलिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। नमनाकला खटिकपारा में 13 वर्षीय दिव्यांश राय की पीलिया से मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इससे पहले 22 फरवरी को झंझटपारा नवापारा निवासी 40 वर्षीय सोना लाल की भी इस बीमारी से मृत्यु हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से शहर में दहशत का माहौल है।

दूषित पेयजल बना मुख्य कारण
शहर में फैल रहे पीलिया के पीछे दूषित पेयजल आपूर्ति को मुख्य वजह माना जा रहा है। नवागढ़, घुटरापारा और नमनाकला सहित कई वार्डों में मरीज सामने आए हैं।
- अब तक 40 से अधिक लोग पीलिया से ग्रसित
- दो लोगों की मौत
- लोगों का आरोप: लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई
- शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ठोस कार्रवाई नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों से पानी के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है और मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन नए मरीज लगातार मिल रहे हैं।

कांग्रेस का निगम कार्यालय घेराव
दूषित पानी और मौतों को लेकर शहर की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि भाजपा की शहर सरकार शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है।
कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
मृतकों का विवरण
- सोना लाल (40 वर्ष), निवासी जनजातपरा — मृत्यु: 22 फरवरी 2026
- दिव्यांश राय (13 वर्ष), निवासी खटिकपारा — मृत्यु: 23 फरवरी 2026
टीएस सिंहदेव का बयान
पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने लिखा कि प्रशासन को कई हफ्तों से इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में आगाह किया जा रहा था, लेकिन लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई।
उन्होंने कहा कि “ट्रिपल इंजन सरकार” की जिम्मेदारी है कि जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे। रोकथाम, जांच और उपचार की समुचित व्यवस्था तुरंत की जानी चाहिए।
सिंहदेव ने प्रभावित इलाकों में व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अंबिकापुर में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और नगर प्रशासन दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





