गर्मी से बेहाल विद्यार्थी, स्कूलों में जल्द छुट्टी की मांग तेज

बिलासपुर/छत्तीसगढ़ – प्रदेश भर में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को तो प्रभावित किया ही है, अब इसका सीधा असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी साफ़ दिखाई देने लगा है। तेज़ धूप, लू और लगातार बढ़ते तापमान के बीच अब स्कूलों में समय से पहले गर्मी की छुट्टियों की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है।
कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन
शहर के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में स्कूलों में शीघ्र ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की मांग की गई है।

अब सुबह से ही धूप इतनी तेज़ हो जाती है कि बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। गर्मी में मासूम बच्चों को इस तरह बाहर भेजना अमानवीय है।” – एक अभिभावक की प्रतिक्रिया
अप्रत्याशित गर्मी का प्रकोप
बिलासपुर में दोपहर का तापमान लगातार 44–45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है
स्कूल टाइमिंग के दौरान गर्म हवा और लू के थपेड़ों से छात्र बेहाल हैं
छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका असर देखने को मिल रहा है – चक्कर आना, उल्टी, सिर दर्द जैसे लक्षण आम हो चुके हैं
कब होती है छुट्टी और क्यों उठी मांग पहले अवकाश की?
आमतौर पर मई के पहले सप्ताह में ग्रीष्मावकाश घोषित किया जाता है
लेकिन इस साल, अप्रैल में ही तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुका है
लू की चेतावनी और बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों के चलते अब छुट्टियों की तारीख पहले करने की मांग तेज हो गई है
क्या कहती है सरकार?
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार:
आधिकारिक निर्णय जल्द लिया जा सकता है
राज्य स्तर पर समीक्षा बैठक की तैयारी चल रही है
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी
अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता
अभिभावकों का कहना है कि दोपहर के समय घर लौटते समय बच्चे पूरी तरह थक जाते हैं, और कई बार बीमार पड़ जाते हैं। शिक्षकों ने भी प्रशासन से छुट्टियों की तिथि आगे बढ़ाने का समर्थन किया है।
क्या होगा आगे?
उम्मीद है कि 1-2 दिन में राज्य सरकार या जिला प्रशासन कोई निर्णय ले सकता है
यदि मौसम का यही मिज़ाज रहा तो पूरे प्रदेश में जल्द छुट्टी की घोषणा संभव है
शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक सूचना जल्द जारी हो सकती है





