रायगढ़ में समय-सीमा की बैठक: धान खरीदी में पारदर्शिता, निर्माण में गुणवत्ता और पर्यटन विकास पर कलेक्टर सख्त

रायगढ़। जिले में सरकारी योजनाओं को तेज़ी और पारदर्शिता के साथ लागू करने के लिए सोमवार को कलेक्टोरेट में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने की। उन्होंने सभी विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में सबसे पहले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में अब तक हुई खरीदी, टोकन व्यवस्था, धान उठाव, बारदाना उपलब्धता और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खरीदी पूरी तरह पारदर्शी हो और केवल वास्तविक किसानों को ही लाभ मिले। किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जल संरक्षण कार्यों को भविष्य के लिए बेहद जरूरी बताते हुए कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश दिए कि अगले पांच महीनों में इन कार्यों में जमीन पर दिखने वाली प्रगति होनी चाहिए। उन्होंने अन्य जिलों के सफल मॉडल अपनाने और भू-जल स्तर सुधारने पर जोर दिया।
पर्यटन विकास को लेकर भी अहम चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और जिले की पहचान मजबूत होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को प्राथमिकता से काम पूरा करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर चतुर्वेदी ने साफ कहा कि गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नियमित निरीक्षण, तकनीकी मानकों का पालन और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य, खाद्य एवं औषधि विभाग, बिजली और स्वरोजगार योजनाओं की भी बैठक में समीक्षा हुई। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। मत्स्य पालन और स्वरोजगार योजनाओं में अधिक लाभार्थियों को जोड़ने पर भी सहमति बनी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर समेत सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।





