रायपुर में राइस मिलर्स पर सख्ती—30 अप्रैल तक चावल जमा नहीं किया तो होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर में कस्टम मिलिंग चावल जमा करने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कलेक्ट्रेट परिसर में समीक्षा बैठक कर राइस मिलर्स को अंतिम चेतावनी दी है कि 30 अप्रैल 2026 तक चावल जमा करना अनिवार्य है।

बैठक में बताया गया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 74 राइस मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उन्हें ब्लैकलिस्ट करने, मिल पंजीयन रद्द करने और न्यायालय में अभियोजन की चेतावनी दी गई है।

कानूनी कार्रवाई के संकेत

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनुबंध के अनुसार उठाए गए धान के अनुपात में चावल जमा नहीं करना आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय अपराध है। यह छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 का भी उल्लंघन माना जाएगा।

भौतिक सत्यापन और FIR के निर्देश

प्रशासन ने उन 10 राइस मिलों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं, जहां सबसे अधिक चावल जमा किया जाना बाकी है। सत्यापन के दौरान धान की कमी मिलने पर संबंधित मिलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

बैंक गारंटी से होगी वसूली

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि 1 मई 2026 से उन मिलर्स के खिलाफ बैंक गारंटी के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जो समय पर चावल जमा नहीं करेंगे।

प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर किसी तरह का असर न पड़े।

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