जोन मुख्यालय के स्टेशन का हालः कैशलेस नीति के फेर में लोगों की बढ़ी परेशानी..

बिलासपुर
बिलासपुर रेलवे द्वारा ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है।रेल्वे चाहता है कि टिकट से लेकर खानपान तक सब कुछ केशलेस कर दिया जाए लेकिन रेलवे की यह योजना आम लोगों के लिए समस्या बनते जा रही हैं। हालात यह है कि नगद रुपए रखने के बावजूद यात्रियों को ट्रेनों का आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहा है…जिससे यात्री बहुत परेशान नज़र आ रहे हैं…
दरअसल बिलासपुर स्टेशन में आरक्षित टिकट लेने के लिए ऑफलाइन टिकट लेने के लिए मात्र एक काउंटर है। आसपास के सैकड़ों लोग इसी काउंटर से टिकट खरीदी करते हैं। टिकट के लिए यात्री घंटों लाइन में लगे रहते है। यात्रियों ने बताया कि, एक ऑफलाइन टिकट काउंटर होने के करण उन्हे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होने बताया कि सिर्फ एक ही ऑफलाइन काउंटर है। जिसकी वज़ह से लंबी लाइनें लगानी पड़ती है..
रेलवे स्टेशन परिसर स्थित आरक्षित टिकट काउंटर में नकद भुगतान करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरक्षण केंद्र में कुल बार टिकट काउंटर हैं लेकिन इनमें से तीन काउंटर केवल ऑनलाइन भुगतान के लिए आरक्षित हैं। वहीं नकद भुगतान के लिए मात्र एक काउंटर उपलब्ध है, जिसके चलते वहां यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। दूसरी ओर, ऑनलाइन भुगतान वाले काउंटर अक्सर खाली विखाई देते हैं। यात्रियों का कहना है कि नकद भुगतान के काउंटर की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि सभी को समय पर टिकट मिल सके…
आरक्षित टिकट काउंटर में नकली नोट की जानकारी मिलने पर संबंधित कर्मी को उसका भुगतान करना पड़ता था। इसके अलावा चिल्हर की कमी भी एक समस्या थी। वहीं टिकट काउंटर में बैठे कर्मचारी पर आए दिन ज्यादा रकम लेने का आरोप लगता रहता था। ऐसे में रेलवे ने ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। जिससे आरोपों से बचने के साथ ही सावधानी पूर्वक कार्य चल सके…





