बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

सितंबर माह को भारत में राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगो के बीच पोषण के महत्व को बढ़ावा देना है। सही पोषण सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाता है। डाइटीशियन कविता पुजारा बताती है कि अभिभावकों को बच्चों के पोषण का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करने से बच्चों को भविष्य में कुपोषण जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। आज ब्रांडिंग और प्रचार के चलते बच्चे जंक फ़ूड खाना अधिक पसंद करने लगे हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह अपने बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतों का विकास करे।

प्रोटीन, विटामिन और फाइबर युक्त आहार

बच्चों के आहार में प्रोटीन, विटामिन और फाइबर का होना बेहद जरूरी है। प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और शरीर की मरम्मत में सहायक होता है। सोयाबीन, दाल, मटर, मेवे आदि से प्रोटीन की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। विटामिन ए, सी, डी और बी-काम्प्लेक्स बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। विटामिन सी के लिए खट्टे फल और विटामिन डी के लिए धूप की पर्याप्त मात्रा जरूरी है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे ओट्स, साबुत अनाज और फल बच्चों के पाचन को बेहतर बनाते हैं।

स्तनपान कराना है बेहद जरूरी

शुरुआती दिनों में बच्चों के लिए संपूर्ण विकास के लिए स्तनपान सबसे महत्वपूर्ण आहार है। इसमें मौजूद एंटीबाडीज नवजात की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और उन्हें संक्रमण से बचाते हैं। स्तनपान से बच्चों में सही अनुपात में प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज मिलता है, जो बच्चे के मस्तिष्क और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक होते हैं।

बच्चों की पोषण संबंधी कमियों को घर पर ही किये गए आहार परिवर्तन से दूर किया जा सकता है। बच्चों को उपहार के रूप में अन्हेल्दी स्नैक्स देने से बचने की जरूरत है। यदि आपको बच्चे के वजन, आहार या विकास को लेकर संदेह है, तो विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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