भोपाल-नर्मदापुरम में छाया धुंध, ठंड-गरम से जकड़ रही कोल्ड और सांस की बीमारियां..

भोपाल : प्रदेश के मौसम के मिजाज में अभी उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। न्यूनतम तापमान में गिरावट न होने की वजह से कड़ाके की ठंड तो नहीं पड़ रही है, लेकिन रविवार सुबह भोपाल, नर्मदापुरम और मलाजखंड में धुंध जरूर छाई रही। इसके चलते इन इलाकों में दृश्यता एक से दो किलोमीटर दर्ज की गई, लेकिन शेष सभी संभागों में दृश्यता दो किलोमीटर से अधिक रही।

सामान्य से अधिक तापमान

मौसम विज्ञानी पीके शाह का कहना है कि हवाएं उत्तरी और उत्तरी पूर्वी हैं, लेकिन उत्तर भारत में बर्फबारी नहीं होने की वजह से ठंडक प्रदेश तक नहीं पहुंच रही। पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, जबलपुर, सागर और शहडोल में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहे। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बड़वानी में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल का तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

सेहत पर भारी पड़ रहा मौसम

दिन में गर्मी और शाम को ठंडक वाला मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। इस बारे में डा. रतन कुमार का कहना है कि अचानक ठंडक में निकलने की वजह से लोगों को वायरल फीवर, कोल्ड और सांस की बीमारियां तुरंत जकड़ लेती हैं। ऐसे में लोगों को गर्मी से अचानक ठंड में नहीं निकलना चाहिए।

शाम को बिना गर्म कपड़े पहने आने-जाने से भी परेशानी बढ़ सकती है। वहीं सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों को धूल और धुआं से दूर रहना चाहिए। चूंकि इस मौसम में धूल के कण जमीन की सहत पर रहते हैं, जिससे सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज जल्द ही इसकी चपेट में आ जाते हैं।

 

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