SIR विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला: “चुनाव आयोग भाजपा का सहयोगी बन गया है”

देशभर में एसआईआर (SIR) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था न रहकर भाजपा का सहयोगी बन गया है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन बूथों पर समाजवादी पार्टी जीती थी, उन्हीं को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपचुनावों के दौरान जिस तरह की घटनाएं सामने आईं, उससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां तक कि तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “अब तो चुनाव आयोग पर भाजपा का झंडा लगा देना चाहिए।”
Form-7 पर गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने Form-7 के दुरुपयोग को लेकर भी चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाकर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जो चुनाव नियमों की धारा 31 और 32 का खुला उल्लंघन है।
अखिलेश यादव ने मांग की कि Form-7 की प्रक्रिया तुरंत रद्द की जाए और केवल Form-6 को ही लागू किया जाए।
“सपा के वोटरों को टारगेट किया जा रहा है”
अखिलेश यादव का आरोप है कि उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट जांच के नाम पर सपा समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रोफेशनल एजेंसियां लगाई हैं, जो कंप्यूटर डेटा के ज़रिए उन बूथों को चुन रही हैं जहां सपा जीती थी।
उनका दावा है कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में Form-7 भरवाए जा रहे हैं, जिससे कई जगह विरोध हुआ और हालात बिगड़े।
डिजिटल इंडिया पर सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की बातें तो करती है, लेकिन हकीकत में बजट सिर्फ 5 प्रतिशत बड़े उद्योगपतियों और मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर किसके हैं, उन्हें कौन चला रहा है और बैक-ऑफिस से नियंत्रण किसका है।
महंगाई और बेरोजगारी पर हमला
अखिलेश यादव ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि गरीब परिवार शादी तक नहीं कर पा रहे। सोना और रोजमर्रा की ज़रूरत की हर चीज़ महंगी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को न गरीब की चिंता है, न किसान की, न युवाओं की और न ही मरीजों की।
बीएलओ पर दबाव का आरोप
सपा प्रमुख ने दावा किया कि कई बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) सामने आकर कह रहे हैं कि उन पर दबाव और धमकी डाली जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में बीएलओ लोकतंत्र को बचाने के लिए मजबूती से खड़े हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करे, न कि सिस्टम को कमजोर करे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की “काली करतूतें” सामने आ रही हैं और अब देश की जनता जवाब चाहती है।





