“ऑपरेशन सिंदूर” पर शशि थरूर और ओवैसी का सख्त रुख, बोले- आतंक के खिलाफ भारत एकजुट है

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन के बाद देश और दुनिया में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत की इस कार्रवाई का मजबूती से बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारत का निशाना पाकिस्तानी सेना या आम लोग नहीं, बल्कि आतंकवादी ठिकाने थे। थरूर ने यह भी साफ किया कि यह हमला सोच-समझकर और सीमित तरीके से किया गया ताकि किसी बेगुनाह को नुकसान न पहुंचे।
थरूर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ बदला नहीं, बल्कि भारत की आत्मरक्षा का हक है। उन्होंने कहा कि “हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर पाकिस्तान उकसाएगा, तो भारत जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।” साथ ही उन्होंने चीन को भी यह संदेश दिया कि अब भारत को हल्के में लेना किसी के लिए मुनासिब नहीं।
शशि थरूर ने चीन के बदले रुख पर कहा कि अब चीन भी यह समझ रहा है कि भारत का साथ देना उसके लिए फायदेमंद है, खासकर जब अमेरिका जैसे देश उस पर दबाव बना रहे हैं।
दूसरी ओर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को सिर्फ चेतावनी नहीं, करारा जवाब देना जरूरी है। ओवैसी ने कहा, “हमारी सेना ने आतंक के अड्डों पर सही जगह वार किया है। पाकिस्तान को अब सबक सिखाना ज़रूरी हो गया है।” उन्होंने कश्मीर से पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
ओवैसी तिरंगा पगड़ी पहनकर देशभक्ति का संदेश दे रहे हैं और मुस्लिम परस्त छवि से बाहर आकर एक मजबूत राष्ट्रवादी नेता के रूप में सामने आए हैं।
शशि थरूर और ओवैसी, दोनों ही नेता इस समय भारत की आवाज बनकर सामने आए हैं। एक तरफ थरूर कूटनीति से पाकिस्तान को घेर रहे हैं, तो दूसरी ओर ओवैसी जनसभा में पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। दोनों नेताओं ने ये साबित कर दिया कि आतंक के खिलाफ भारत पूरी तरह एकजुट है।





