शंकराचार्य का विवादित बयान: योगी आदित्यनाथ पर उठाए सवाल, UGC नियमों को बताया विभाजनकारी

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बिलासपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गौ रक्षा के विषय पर सरकारों की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने के लिए सत्तारूढ़ दल असामाजिक तत्वों का सहारा ले रहे हैं। उनके अनुसार, मुद्दों को सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
यूजीसी के नए नियमों पर भी उन्होंने कड़ा विरोध जताया। शंकराचार्य ने कहा कि ये नियम समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं और इन्हें लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे देशहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रावधानों से सामाजिक एकता प्रभावित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ फैसलों के पीछे केवल वोट बैंक की सोच नजर आती है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए।
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि सनातन धर्म को बाहरी खतरे से ज्यादा आंतरिक चुनौतियों से सावधान रहने की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।





