बेटे को जेल से छुड़ाने के बदले यौन उत्पीड़न: महिला से बदसलूकी करने वाला आरक्षक बर्खास्त, आरोपी फरार

दुर्ग जिले में एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे पर आरोप है कि उसने जेल में बंद महिला के बेटे को छुड़ाने के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और महिला के साथ अश्लील हरकतें कीं।
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, उसका बेटा पॉक्सो मामले में जेल में निरुद्ध था। इसी का फायदा उठाते हुए आरक्षक ने उसे मदद का झांसा दिया और 18 नवंबर को फोन कर चरोदा बस स्टैंड बुलाया। वहां आरोपी ने महिला के साथ छेड़छाड़ की और जब महिला ने मना करते हुए पीरियड होने की बात कही, तो उसने जबरन प्राइवेट पार्ट चेक किया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन ड्यूटी से लौटने के बाद आरोपी ने पीड़िता को कई बार कॉल किया और निजी वाहन से सुनसान जगह ले जाकर अनैतिक कृत्य किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन जांच में आरोपी और पीड़िता की मौजूदगी घटनास्थल के आसपास पाई गई। इससे पहले भी आरोपी द्वारा महिला को 15 बार कॉल किए जाने की पुष्टि हुई है।
मामला सामने आने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया, लेकिन आरोपी घटना के बाद से फरार हो गया। नोटिस जारी होने के बावजूद वह न तो थाने पहुंचा और न ही अपने निवास पर मिला।
पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने और सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने आरोपी आरक्षक को बिना विभागीय जांच के बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। संविधान के अनुच्छेद 311(2)(ख) के तहत विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई है।
फिलहाल आरोपी आरक्षक फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। मामले ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





