स्कूलों के टॉयलेट होंगे अब साफ-सुथरे, हाईकोर्ट के निर्देश पर तेजी से हो रहा काम

बिलासपुर। स्कूलों के गंदे और खराब टॉयलेटों को लेकर अब बड़ा कदम उठाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर ने स्कूलों में टॉयलेट की खराब हालत पर चिंता जताई है और इसे लेकर खुद ही जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के टॉयलेटों की मरम्मत और निर्माण का काम 15 जून तक हर हाल में पूरा किया जाए।
हाईकोर्ट के आदेश को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि स्कूलों के टॉयलेट के लिए 2 करोड़ 31 लाख रुपए की राशि मिली है। इस पैसे से जिले के बिलासपुर, मस्तूरी और कोटा ब्लॉकों में 454 टॉयलेटों की मरम्मत और 175 नए टॉयलेट बनाए जा रहे हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छता और बच्चों की सेहत का ध्यान रखना है, खासकर छात्राओं के लिए यह बहुत जरूरी है। साफ-सुथरे टॉयलेट होने से बच्चों को स्कूल में पढ़ाई करने में सुविधा होगी और वे स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होंगे।
अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में स्कूलों के टॉयलेटों की तस्वीर बदलेगी और बच्चों को एक स्वच्छ माहौल मिलेगा।





