छिंदवाड़ा में महंत के 90 लाख रुपये हड़पने वाली शिष्या साध्वी लक्ष्मी को जमानत, CJM Court में जमा करने होंगे सारे पैसे

जबलपुर : हाई कोर्ट ने श्रीराम जानकी मंदिर आश्रम, छिंदवाड़ा के महंत की राशि के गबन के मामले में आरोपित साध्वी लक्ष्मी दास को 90 लाख रुपये सीजेएम कोर्ट में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा आवेदिका राशि जमा करने के बाद उसकी रसीद जांच अधिकारी को दें। रसीद सौंपने के बाद आवेदिका को अग्रिम जमानत देने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने दी सशर्त जमानत
न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने इस मामले में बनाए एक अन्य आरोपित हर्ष रघुवंशी को भी उक्त राशि जमा कराने की शर्त पर जमानत का लाभ दे दिया। कोर्ट ने साफ किया कि जमानत के दौरान आरोपित देश छोड़कर नहीं जाएंगे।
भोपाल निवासी साध्वी लक्ष्मी दास व हर्ष रघुवंशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने पैरवी की। वहीं आपत्तिकर्ता श्याम सिंह रघुवंशी की ओर से अधिवक्ता सुमित रघुवंशी ने पक्ष रखा।
यज्ञ के लिए मिला था दान लेकिन हो गई महंत की मृत्यु
मामले के अनुसार उक्त आश्रम के महंत कनकदास महाराज ने अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण के बाद 2121 यज्ञ करने का संकल्प लिया था। इसके लिए उन्होंने समाज से दान के माध्यम से 90 लाख रुपये की राशि एकत्र की थी। एक सड़क दुर्घटना में 17 अप्रैल, 2023 को महंत की मृत्यु हो गई।
महंत के शांत होते ही शिष्या ने धन अपने नाम करा लिया
आरोप है कि उनकी मृत्यु के बाद स्वयं को शिष्या बताते हुए साध्वी ने महंत का मोबाइल नंबर अपने नाम करा लिया और उक्त राशि का गबन कर लिया। साध्वी ने उसमें से कुछ राशि अपने भाई हर्ष और एक मित्र मनीष सोनी को ट्रांसफर कर दी। इसके बाद छिंदवाड़ा के चौरई पुलिस थाने में आवेदकों के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
हाई कोर्ट के निर्देश पर नर्सिंग रजिस्ट्रार और संचालक को हटाया
मप्र हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद शासन ने गुरुवार देर रात नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार अनीता चांद और संचालक नर्सिंग डा. जितेन शुक्ला को हटा दिया है। संचालक का प्रभार अपर संचालक स्वास्थ्य मनोज कुमार सरियाम और नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार का प्रभार अपर संचालक स्वास्थ्य कृष्ण कुमार रावत को सौंपा गया है।
दरअसल, नर्सिंग फर्जीवाड़े मामले में ला स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने जितेन शुक्ला और अनीता चांद की पदस्थापना को लेकर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उधर, एनएसयूआइ के मेडिकल विंग के प्रदेश संयोजक रवि परमार ने केके रावत की पदस्थापना को लेकर भी आपत्ति की है।





