“बेंगलुरु में आरएसएस प्रतिनिधि सभा बैठक, बांग्लादेश उत्पीड़न पर प्रस्ताव”

बेंगलुरु | 21 मार्च 2025: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक बेंगलुरु में शुरू हो गई है। यह बैठक तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत ने उद्घाटन किया। इस बैठक में संघ से जुड़े 32 संगठनों के करीब 1480 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। बैठक के दौरान दो प्रमुख प्रस्ताव पारित किए जाएंगे—पहला, बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की स्थिति और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा होगी। दूसरा, संघ की 100 वर्षों की यात्रा, शताब्दी वर्ष के दौरान होने वाली गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
RSS के सह सरकार्यवाह मुकुंद सीआर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बैठक को मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने आरंभ किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 10,000 अधिक शाखाएं शुरू हुई हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। देशभर में संघ की 58,981 शाखाएं संचालित हो रही हैं, और 12.07 लाख लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जाहिर की है, जिनमें 46,000 महिलाएं भी शामिल हैं।
संघ ने समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले कई व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें स्वामी प्रणवानंद, शिरीष महाराज मोरे, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन, अर्थशास्त्री विवेक देवराय, एसएम कृष्णा और तुलसी गौड़ा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के तहत विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर संगठन के विस्तार और सामाजिक योगदान को और अधिक सशक्त करने की योजनाओं पर भी चर्चा होगी।





