दिल्ली में हिड़मा के समर्थन में लगे नारे पर बवाल, डेप्युटी CM बोले:पहले बस्तर आकर सच्चाई देखें

दिल्ली में नक्सली नेता हिड़मा के समर्थन में लगे नारों ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों को खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि दिल्ली में बैठकर बस्तर की गलत तस्वीर पेश करना ठीक नहीं है।
विजय शर्मा ने कहा कि कई छात्र कभी बस्तर गए ही नहीं, न उन्होंने वहां की जिंदगी देखी और न हालात समझे। उन्होंने बताया कि बस्तर के कई इलाकों में पहले न स्कूल थे, न आंगनबाड़ी, न अस्पताल लेकिन अब तेजी से विकास हो रहा है। ऐसे में विकास को गलत रूप में दिखाना ठीक नहीं।
इधर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मामले को “टुकड़े-टुकड़े गैंग” की करतूत बताया। उन्होंने कहा कि देश और व्यवस्था के खिलाफ बोलने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
कांग्रेस ने भी हिड़मा के समर्थन में लगे नारों की निंदा की। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि संविधान में विश्वास रखने वाला कोई भी व्यक्ति “हिड़मा जिंदाबाद” जैसे नारे नहीं लगा सकता। उन्होंने छात्रों से अपील की कि ताड़मेटला, झीरम और बस्तर में 15 साल तक चले खून-खराबे को समझें।
उधर, नक्सलवाद लगातार कमजोर हो रहा है। कई बड़े नक्सली नेता मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब माओवादी भी समझ रहे हैं कि सरकार और सुरक्षा बलों से लड़ाई आगे नहीं बढ़ सकती। हाल ही में नक्सलियों की MMC कमेटी ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर मोहलत मांगी है।
दिल्ली में लगे नारों से शुरू हुआ विवाद अब बस्तर की हकीकत और नक्सलवाद के बदलते दौर तक पहुंच चुका है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या छात्र बस्तर आकर स्थिति को समझने की कोशिश करेंगे और क्या नक्सलियों की चिट्ठी बड़े बदलाव का संकेत है।





