रावतपुरा रिश्वत कांड: मेडिकल कॉलेज को फर्जी मान्यता दिलाने 55 लाख रिश्वत, सभी 6 आरोपी जेल में रहेंगे

रायपुर। रायपुर की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (SRIMSR) रिश्वत मामले में 6 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मेडिकल कॉलेज को फर्जी तरीके से मान्यता दिलाने के लिए 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में CBI ने डॉ. मंजप्पा सीएन, डॉ. चैत्रा एमएस, डॉ. अशोक शेलके, अतुल कुमार तिवारी, सथीशा ए. और रविचंद्र के. को गिरफ्तार किया था।
CBI के अनुसार, 30 जून को NMC की 4 सदस्यीय टीम SRIMSR रायपुर में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। इस टीम ने कॉलेज के निदेशक अतुल तिवारी से मिलकर फर्जी रिपोर्ट देने के लिए रिश्वत मांगी। जांच में सामने आया कि डॉ. मंजप्पा ने सथीशा ए. को हवाला के जरिए 55 लाख रुपए जुटाने का निर्देश दिया। ये रकम बेंगलुरु में हवाला चैनल से दी गई।
CBI ने कर्नाटक, यूपी, दिल्ली, छत्तीसगढ़, एमपी और राजस्थान सहित 40 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे थे। इसी दौरान ये आरोपी रंगेहाथ पकड़े गए। इनके पास से डिजिटल सबूत और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
CBI की जांच में देश के कई राज्यों में मेडिकल कॉलेजों को फर्जी मान्यता दिलाने का बड़ा घोटाला सामने आया है। रिपोर्ट में विशाखापट्टनम, उदयपुर, सवाई माधोपुर, गुजरात और मेरठ के कई कॉलेजों का भी नाम है। कोर्ट में अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।





