रायपुर कलेक्टर ने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पूरी प्रक्रिया का किया खुलासा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की स्कूलों में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को लेकर रायपुर जिले के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने मीडिया को अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रायपुर में पहले 1422 स्कूल थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद अब इनकी संख्या घटकर 1033 स्कूल रह गई है।

क्या हुआ बदलाव:

385 स्कूलों का मर्जर किया गया है।

4 स्कूलों का समायोजन किया गया है।

1013 अतिशेष शिक्षक चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें अब खाली पड़े स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा।

कलेक्टर ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।

पूरे राज्य में चल रही है युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी जिलों के स्कूलों में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत 10,463 स्कूलों का पुनर्गठन किया जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार:

राज्य में कुल 54,185 स्कूल हैं।

इनमें से 297 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है।

7,127 स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक शिक्षक ही कार्यरत है।

सरकार का कहना है कि इस असंतुलन को खत्म करने के लिए ही यह कदम उठाया गया है।

क्या है युक्तियुक्तकरण?

युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों का ऐसा पुनर्गठन करना जिससे सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक हों और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

जिन स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक हैं, उन्हें जरूरत वाले स्कूलों में भेजा जाएगा।

जहां छात्रों की संख्या कम है, उन स्कूलों को पास के किसी बड़े स्कूल में मर्ज कर दिया जाएगा।

विरोध भी जारी

हालांकि सरकार इस प्रक्रिया को छात्रों के हित में बता रही है, लेकिन विपक्षी दलों और शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया है। हाल ही में शिक्षक संगठनों ने मंत्रालय का घेराव भी किया था और युक्तियुक्तकरण को वापस लेने की मांग की थी।

फिलहाल सरकार इस योजना को आगे बढ़ा रही है और शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

 

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