छत्तीसगढ़ को रेलवे से बड़ी सौगात: 2026-27 में ₹7,470 करोड़ का बजट, ₹51 हजार करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर

रायपुर/बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भारतीय रेल ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदान दिया है। इस राशि से रेल संपर्क का विस्तार, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने के कार्य किए जाएंगे।
राज्य में इस समय कुल ₹51,080 करोड़ की रेल परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में चल रही हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, अतिरिक्त ट्रैक, स्टेशनों का पुनर्विकास, संरक्षा कार्य और आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना शामिल है। इन प्रयासों से औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिल रही है।
प्रमुख रेल परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
- बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन: 206 किमी लंबी परियोजना, लागत ₹2,135.34 करोड़। अब तक 175 किमी से अधिक कार्य पूरा।
- बिलासपुर–नागपुर रेलखंड: बिलासपुर से गोंदिया के बीच चौथी लाइन का निर्माण विभिन्न पैचों में जारी।
- दल्लीराझरा–रावघाट नई लाइन: 95 किमी, लागत ₹16,275.56 करोड़। 77.35 किमी कार्य पूर्ण, आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने में अहम।
- खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई लाइन: 278 किमी, अनुमानित लागत ₹7,854 करोड़, राजधानी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी।
- सरदेगा–भालूमाड़ा नई लाइन: 37.24 किमी, लागत ₹1,282 करोड़, खनिज परिवहन को सुगम बनाएगी।
- रावघाट–जगदलपुर नई लाइन: 140 किमी, लागत ₹3,513 करोड़, बस्तर क्षेत्र के विकास को नई दिशा।
यात्री सुविधाएं और ट्रेन सेवाएं:
- अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास।
- वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएं (बिलासपुर–नागपुर–बिलासपुर और दुर्ग–विशाखापट्टनम–दुर्ग)।
- अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा (ब्रह्मपुर, ओडिशा–उधना, गुजरात)।
अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां:
- पिछले 10–11 वर्षों में नई रेल पटरियां, पूर्ण विद्युतीकरण और 170 फ्लाईओवर/अंडरपास का निर्माण।
- राज्य में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत, जिनमें 845 कार्य प्रगति पर हैं।
इन सभी पहलों से छत्तीसगढ़ को आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत रेल नेटवर्क मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।





