BPSC पेपर लीक पर राहुल गांधी का हमला, ‘युवाओं का अंगूठा काटा जा रहा है’

BPSC परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के आंदोलन और पुलिस लाठीचार्ज ने बिहार में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं, जबकि छात्रों का आरोप है कि उनकी आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया गया।
राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बिहार में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामी को छिपाने के लिए युवाओं पर लाठीचार्ज करवा रही है।
राहुल गांधी ने कहा, “मैंने संसद में कहा था कि जिस तरह एकलव्य का अंगूठा काटा गया था, उसी तरह पेपर लीक कर युवाओं का भविष्य छीनने की कोशिश की जा रही है। इसका ताजा उदाहरण बिहार है। बीपीएससी अभ्यर्थी पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और एग्जाम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन एनडीए सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए उल्टा छात्रों पर लाठीचार्ज करवा रही है। यह बेहद शर्मनाक है। हम छात्रों के साथ हैं और उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।”
विपक्षी नेताओं की निंदा
विपक्षी दलों के नेता भी इस पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा कर रहे हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह छात्रों के अधिकारों पर हमला है। वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि बीजेपी का उद्देश्य केवल अपनी सत्ता को बचाना है, और जो रोजगार की मांग करता है, उसे दमन का सामना करना पड़ता है।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा, “ऐसा नहीं करना चाहिए था। यह गलत बात है।”
क्या है मामला?
बीपीएससी द्वारा आयोजित 13 दिसंबर की परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं देखी थीं। कुछ उम्मीदवारों ने कहा कि उन्हें पेपर एक घंटे देरी से मिला, जबकि अन्य ने आरोप लगाया कि पेपर फाड़ दिए गए थे, जिससे पेपर लीक का संदेह उत्पन्न हुआ। इसके बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है और बीपीएससी से जल्द से जल्द परीक्षा की नई तारीख घोषित करने की अपील की है।
पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन
13 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। छात्रों का कहना है कि बीपीएससी की परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा को रद्द करने की मांग की और आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।





