ग्रामीण सड़कों की बदहाली पर उठे सवाल, “मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना” बनाने की मांग

छतीसगढ़: ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग एक गांव से दूसरे गांव आने-जाने के लिए कच्ची सड़कों का सहारा लेते हैं। पक्की और डामरीकृत सड़कों की कमी के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिए जाने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को बेहतर आवागमन के लिए “मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना” की शुरुआत करनी चाहिए। इसके तहत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए एक निगरानी टीम बनाई जाए, जो मौके पर जाकर फोटो और वीडियोग्राफी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपे।
साथ ही, भ्रष्टाचार कर सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और इंजीनियरों पर कड़ा जुर्माना लगाया जाए। ठेकेदार और कंपनी का नाम, निर्माण की समय-सीमा और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। यदि तय समय पर सड़कें पूरी नहीं होतीं, तो ऐसे ठेकेदारों और इंजीनियरों को ब्लैकलिस्ट कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि सड़कों के निर्माण में किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि सड़कें विकास की असली पहचान होती हैं।





