राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई के विरोध में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का प्रदर्शन तेज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सूरजपुर के तहसीलदार संजय राठौर के निलंबन को अन्यायपूर्ण बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघ का कहना है कि सीमित संसाधनों, स्टाफ की कमी और तकनीकी सहायता के अभाव में कार्यरत अधिकारियों पर बिना पूर्व सूचना के अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है।
संघ ने कहा कि तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों पर ई-कोर्ट, भुइयां, पोर्टल्स, निर्वाचन, प्रमाण पत्र, जनदर्शन जैसे कई कार्यों का भार है, जबकि ज़्यादातर तहसीलों में तकनीकी स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है। अधिकारी अपने निजी संसाधनों से काम कर रहे हैं, फिर भी उन्हें दंडित किया जा रहा है।
संघ ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, कि संजय राठौर की तत्काल बहाली, पूर्व निलंबित अधिकारियों की न्यायसंगत समीक्षा व बहाली, और हर तहसील को न्यूनतम तकनीकी संसाधन व स्टाफ की उपलब्धता। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।





