गैंगस्टर मयंक सिंह को रायपुर लाने की तैयारी, कोर्ट में पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी

झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को जल्द ही छत्तीसगढ़ लाने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, 24 दिसंबर को उसे रायपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट ने इस संबंध में उसके खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। मयंक सिंह अमन साव गैंग का सदस्य बताया जाता है और उस पर रायपुर के एक कारोबारी व पीआर ग्रुप के कार्यालय पर गोली चलवाने का आरोप है।
फिलहाल मयंक सिंह झारखंड की जेल में बंद है, जहां दर्ज मामलों के चलते वह न्यायिक हिरासत में है। छत्तीसगढ़ पुलिस की नजर भी उस पर बनी हुई है, क्योंकि राज्य में भी उसके खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसे रायपुर लाकर पूछताछ करने से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
बताया जाता है कि मयंक सिंह गैंगस्टर अमन साव का करीबी रहा है और चर्चा यह भी है कि वह लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का दोस्त है। हाल ही में उसे इंटरपोल की मदद से अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। झारखंड के इतिहास में यह पहला मामला माना जा रहा है, जब किसी गैंगस्टर को विदेश से प्रत्यर्पित कर वापस लाया गया हो। रांची एयरपोर्ट से जेल तक उसे बख्तरबंद वाहन में कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मयंक सिंह पर हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक साजिश जैसे 45 से अधिक छोटे-बड़े मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय तक विदेश में रहकर अपने नेटवर्क का संचालन करता रहा। वर्ष 2024 में रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित पीआरए ग्रुप के ऑफिस में हुई शूटआउट की घटना में भी उसे मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
जानकारी यह भी सामने आई है कि मयंक सिंह ने उद्योगपतियों, कारोबारियों और नेताओं से रंगदारी की मांग की थी। राजस्थान में एक कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री से रंगदारी मांगने का मामला भी उससे जुड़ा बताया जाता है। अमन साव गैंग से उसके गहरे संबंध रहे हैं और अमन साव के एनकाउंटर के बाद पुलिस मयंक सिंह को इस नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है।
पुलिस के अनुसार, मयंक सिंह डंकी रूट के जरिए विदेश पहुंचा था और सिंगापुर, ईरान व मेक्सिको होते हुए अमेरिका तक गया, जहां से वह गैंग का संचालन करता रहा। अब उसके प्रत्यर्पण के बाद पुलिस उससे अमन साव और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कई अहम राज उगलवाने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा, 16 जून 2024 को छत्तीसगढ़-झारखंड के कोल और कंस्ट्रक्शन कारोबारियों को निशाना बनाने आए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मयंक सिंह ने छत्तीसगढ़ की मीडिया को धमकी भरा ई-मेल भेजा था। इस मेल में उसने गिरफ्तारी को षड्यंत्र बताया था और बदला लेने की धमकी भी दी थी। उस मामले में भी पुलिस जांच जारी है।





