बस्तर दशहरा की तैयारी शुरू, रथ निर्माण की रस्म संपन्न

बस्तर। जगदलपुर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की पारंपरिक तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। हाल ही में नारफोड़नी की रस्म विधिपूर्वक पूरी की गई। इस रस्म में फूल रथ के लिए साल की लकड़ी से बने पहिए के बीच छेद कर उसमें लोहे का गुड़दा (रिंग) लगाया जाता है, जिससे पहिया मजबूत हो सके और रथ आसानी से खींचा जा सके।
इसके लिए जगदलपुर के पास स्थित टेकामेटा गांव से लोहार समुदाय के लोग पहुंचे। वे लोहरालाडी (जहां लोहे को पिघलाकर आकार दिया जाता है) में रथ के चक्कों के लिए लोहे के रिंग तैयार कर रहे हैं। इसके बाद रथ में एक्सल लगाया जाएगा।
बस्तर दशहरा केवल एक त्यौहार ही नहीं, बल्कि यहां की परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। इसमें अलग-अलग जाति और समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है।





